चतरा, दिसम्बर 7 -- सिमरिया, निज प्रतिनिधि। जिला विधिक सेवा प्राधिकार चतरा सचिव के निर्देशानुसार रविवार को सिमरिया प्रखंड के आर्सेल गांव में बाल विवाह मुक्त व्यवस्था शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर अधिकार मित्र अंजली कुमारी के द्वारा किया गया। जिसमे उपस्थित महिलाओं को बाल विवाह के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। बाल विवाह करना दंडनीय अपराध है, इसलिए आप अपने आसपास के लोगों को जानकारी दें कि बाल विवाह करने वाले एवं करवाने वाले दोनों को कानूनी दंड के भागी होंगे। भारत सरकार के अनुसार लड़के का उम्र 21 एवं लड़कियों का उम्र 18 वर्ष होनी चाहिए। बाल विवाह करने वाले माता-पिता या गर्जियांन या संस्था ऐसे व्यक्ति जो उसे अनुष्ठान में शामिल होंगे, उनको दो साल का कारावास एवं एक लाख तक का जुर्माना होगा। बाल विवाह करना दंड बाल विवाह के विरुद्ध न्यायालय क...