गंगापार, जून 15 -- परानीपुर से लेकर मिर्जापुर के गोंगाव तक कछुआ सेंचुरी घोषित हो जाने से परानीपुर गंगाघाट से निकाली जाने वाली बालू पर रोक लगा दी गई। कभी बालू के लिए मसहूर रहा तरहार क्षेत्र इस समय बालू के लिए तड़प रहा है। परानीपुर गंगाघाट से बालू की निकासी बंद कर दिए जाने से तरहार क्षेत्र के बारा, दशरथपुर, मिश्रपुर, पकरी सेवार, शंभूचक, तरवाई, बिजौरा, ऊंचडीह, पट्टीनाथ राय, शिवपुरा, गुरूदत्त का पुरा, बिगहनी, बिगहना, चिलबिला, शुक्लपुर, जेवनिया, कनिगड़ा, परवा, सहित विभिन्न गांवों में पक्का मकान बनवाना लोगों के लिए मुश्किल हो गया है। बालू दाम दोगुना से अधिक हो गया है। कभी 2500 में 100 फीट मिलने वाली बालू का दाम पांच हजार से छह हजार में मिल रही है। सफेद बालू न मिलने से मजबूरी में लोग टोंस नदी की लाल बालू महंगे दामों में लेकर भवन निर्माण करा रहे है...
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