गंगापार, मई 2 -- सुप्रीम कोर्ट से अधिसूचित कछुआ सेंच्युरी में बालू के अवैध खनन व परिवहन से जलीय जीव जंतु संकट में हैं। प्रशासनिक ढिलाई के विरोध में गंगा वारियर्स गले तक पानी में खड़े रहकर आमरण अनशन करेंगे। शासन स्तर से नामित नोडल अधिकारी डीएफओ प्रयागराज को संबोधित ज्ञापन मेजा परिक्षेत्र के वन क्षेत्राधिकारी अजय सिंह को सौंपकर आमरण अनशन की गंगा वारियर्स ने चेतावनी दी है। मांडा क्षेत्र के चौकठा, जेरा से लेकर पूर्वी छोर पर स्थित गंगा के तटवर्ती गावों डेंगुरपुर, बामपुर चेहरा के अलावा पड़ोसी जिले मिर्जापुर के नदिनी गांव तक कछुआ सेंच्युरी एरिया घोषित होने के बावजूद कार्रवाई के नाम पर सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ाए जाने से बालू खनन व परिवहन बदस्तूर जारी है। गंगा वारियर्स ने 29 अप्रैल को गोगांव घाट पर धरना-प्रदर्शन कर खनन व परिवहन माफिया के खिलाफ मोर्च...
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