रांची, जनवरी 7 -- रांची। नालसा द्वारा संचालित 'आशा अभियान' के अंतर्गत बुधवार को बाल विवाह के विरुद्ध जारी 100 दिवसीय विशेष अभियान के तहत विधिक जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम नाबालिग बालिकाओं के लिए संचालित आश्रय गृह प्रेमाश्रय में हुआ। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) के पीएलवी (विधिक स्वयंसेवकों) ने बाल विवाह निषेध अधिनियम- 2006 के प्रावधानों पर र्चा की। उन्होंने बताया कि कानून के अनुसार विवाह के लिए लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और लड़की की 18 वर्ष निर्धारित है। इससे कम में विवाह करना या करवाना दंडनीय अपराध है। डालसा सचिव राकेश रौशन ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चाइल्डलाइन (1098) के कार्य व टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी दी।

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