सिमडेगा, फरवरी 21 -- सिमडेगा, प्रतिनिधि। पूरे देश मे बेटी पढ़ाओ का संदेश हर मंच पर दिया जाता है। लेकिन जिले की जमीनी हकीकत कुछ और ही है। खासकर ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में शौचालय की सुविधाओं का हाल बेहाल है। वहीं बालिकाओं के लिये अलग शौचालय नही होने से बेटियों के पढ़ाई के रास्ते मे दीवार बन जाती है। स्कूल में चाहिए गर्ल्स टॉयलेट अभियान के सातवें दिन छात्राओ की मां से संवाद किया गया। बातचीत में जो बातें सामने आई वह शिक्षा व्यवस्था के दावे पर सवाल खड़ा करती है। छात्राओं की मां ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब स्कूल में शौचालय और पानी की बुनियादी सुविधाएं नही होगी, तो बेटियों को नियमित स्कूल भेजना मुश्किल हो जाता है। जिले में कई स्कूलों में बालिकाओं के लिये शौचालय उपलब्ध नहीं है। वही कई स्कूलों में शौचालय तो है पर पानी और साफ सफाई के अभाव में उ...