रांची, दिसम्बर 10 -- रांची, संवाददाता। झारखंड बार एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने बुधवार को उत्पाद विभाग के सचिव को ज्ञापन सौंपते हुए बार संचालकों की विभिन्न समस्याओं और मांगों से अवगत कराया। एसोसिएशन ने कहा कि झारखंड बनने के बाद वर्ष 2022 तक बार के लिए किसी तरह का कोटा निर्धारित नहीं था। लेकिन, वर्ष 2022 में छत्तीसगढ़ की उत्पाद नीति अपनाए जाने के बाद बार मालिकों पर कोटा लागू कर दिया गया, जिससे वे परेशान हैं। संगठन ने कहा कि जब राज्य में बार लाइसेंस की संख्या निर्धारित नहीं है, तो नेचुरल जस्टिस के तहत बार का कोटा फिक्स करना उचित नहीं है। कोटा तय होने के कारण प्रत्येक बार में लाखों रुपये का अतिरिक्त स्टॉक जमा हो गया है, जिसे बेचने के साथ-साथ सुरक्षित रखने के लिए स्टोरेज की समस्या उत्पन्न हो गई है। निर्धारित कोटे के अनुसार बिक्री नहीं हो पाने से...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.