नई दिल्ली, दिसम्बर 2 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने पटियाला हाउस फैमिली कोर्ट द्वारा दिए तलाक के एक फैसले को रद्द करते हुए कड़ा कदम उठाया है। हाईकोर्ट ने पाया कि फैमिली कोर्ट जज ने ऐसे क़ानूनी प्रावधानों के आधार पर तलाक दे दिया, जो कानून में मौजूद ही नहीं हैं। इतना ही नहीं, कोर्ट ने बिना किसी भी पक्ष की गवाही दर्ज किए ही विवाह को खत्म कर दिया था। हाई कोर्ट बेंच ने से गंभीर लापरवाही माना और टिप्पणी की कि यह पहली बार नहीं हुआ है। हाई कोर्ट ने जज को दोबारा ट्रेनिंग पर भेजने का आदेश भी सुनाया। हाईकोर्ट की बेंच जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर मामले को गंभीर लापरवाही मानते हुए कहा कि कितनी भी केसों की भीड़ क्यों न हो, कानून के प्रावधानों को बदला या नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह भी पढ़ें- 6 महीने के भीतर महिला ड्राइवरों की नियुक्ति ...
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