लखनऊ, फरवरी 22 -- अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कंवेंशन सेंटर में स्लीप सर्टिफिकेशन कोर्स कार्यशाला में केजीएमयू रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. सूर्यकांत ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में नींद से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। कई लोग खर्राटों, बार-बार नींद टूटने, दिनभर थकान रहने या अत्यधिक नींद आने जैसी समस्याओं को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। ये संकेत स्लीप एपनिया, अनिद्रा या नींद संबंधित अन्य गंभीर स्थितियों की ओर इशारा कर सकते हैं। समय से इन समस्याओं की पहचान और इलाज न होने से हृदय रोग, स्ट्रोक, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और मोटापे का खतरा बढ़ जाता है। चिड़चिड़ापन, अवसाद और सड़क दुर्घटनाओं का जोखिम भी बढ़ सकता है। इंडियन चेस्ट सोसाइटी तथा स्नोरिंग एंड स्लीप रिलेटेड डिसऑर्डर्स सोसाइटी की ओर से कंवेंशन सेंटर में एक दि...