जमशेदपुर, जनवरी 31 -- प्राकृतिक धर्म की ओर से बारीडीह में बेटियों के मान, सम्मान और सुरक्षा के प्रतीक जन्मोत्सव 'सुकन्या दिवस' का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बेटियों के चरण धोकर आरती उतारी गई और कन्या पूजन के बाद परिवार व समाज में बेटियों के सम्मान और संरक्षण की परंपरा अपनाने का संकल्प लिया गया। इस दौरान लोगों को जागरूक करते हुए बताया गया कि बेटियों के प्रति हीन भावना, भेदभाव, अन्याय, अत्याचार, शोषण और दुर्भावना के लिए जिम्मेदार कुरीतियों और मानसिकता पर सामाजिक व पारिवारिक स्तर पर रोक जरूरी है। वक्ताओं ने ऐसी सोच का प्रतिकार, उन्मूलन और बहिष्कार करने तथा बेटियों को उनके अधिकार दिलाने की अपील की। धर्म प्रचारक प्रकाश चंद्र ने कहा कि परिवार और समाज में एक नारी को दूसरी नारी के दुख-दर्द को समझते हुए उसका हितैषी बनना चाहिए। उन्होंने दहेज प्रथा ...