सासाराम, जुलाई 2 -- डेहरी, एक संवाददाता। प्रतिवर्ष सोन नद तटबंध की मरम्मती के नाम पर कागजों में खर्च होने वाले करोड़ों रुपए धरातल पर दिखाई नहीं दे रही है। यही कारण है कि लगातार तेजी से हो रहे कटाव के कारण सोन तटीय क्षेत्र के कई निजी भूमि सोन में विलीन होते जा रहे हैं। जिससे जहां एक और निजी जमीन वाले भूमिहीन होते जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर तेजी से हो रहे कटाव के कारण पीपीसीएल कॉलोनी, कमरनगंज आदि क्षेत्र के लोग बरसात में भयभीत नजर आते हैं। विभागीय अधिकारी जानकारी के बावजूद कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
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