काशीपुर, जनवरी 29 -- काशीपुर, संवाददाता। दिसंबर से जनवरी तक जारी भीषण सूखे और सौ फीसदी बारिश की कमी को सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने अंत कर दिया। राज्य के मैदानी जिलों में व्यापक वर्षा और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी ने न केवल रबी फसलों को पुनर्जीवित करने का काम किया है। साथ ही भविष्य की नकदी फसलों के लिए भी अमृत का काम किया है। जहां गेहूं, मटर और सब्जी सिंचाई के अभाव में दम तोड़ रही गेहूं की फसल को इस बारिश से प्राकृतिक नाइट्रोजन और नमी मिलेगी। जिससे पौधों में कल्ले फूटने में मदद मिलेगी। वहीं पहाड़ों में मटर, सब्जी की फलियों में दाने का भराव बेहतर होगा। इससे पैदावार में बीस फीसदी सुधार की उम्मीद है। सूखे से जहां गन्ने की मिठास कम हो रही है बारिश होने से उसमें शुगर रिकवरी में सुधार होगा। ऊधमसिंह नगर में ग्रीष्मकालीन धान के विकल्प क...