संभल, सितम्बर 18 -- जनपद में बुधवार सुबह हुई झमाझम बारिश ने किसानों के चेहरे से मुस्कान कुछ समय के लिए छीन ली थी। खेतों में खड़ी धान की फसल पानी में डूब गई, और कटाई का कार्य रुक गया। कई किसान तो अपने खेत देखने गए और लौटते समय उनके जूते भी वहीं खेत में ही 'सेवा देने लगे! लेकिन गुरुवार की सुबह मानो आसमान को भी किसानों की चिंता हुई। सूरज ने मुस्कुराकर आसमान से झाँका और धरती को अपने उजास से नहलाया। धूप खिलते ही किसानों के चेहरों पर भी रौशनी लौट आई। कुछ जगहों पर तो किसान यही कहते दिखे गाँव के बुज़ुर्ग किसान रामस्वरूप ने हँसते हुए कहा, "ये धूप नहीं, भगवान की मेहर है बेटा! अब फसल कटेगी और चावल की खुशबू हर रसोई तक पहुँचेगी।" अब किसानों को उम्मीद है कि मौसम यूँ ही साथ देता रहा, तो अगले हफ्ते तक ज़्यादातर खेतों की कटाई पूरी हो जाएगी।
हिंदी हिन्दुस...
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