बाराबंकी, अक्टूबर 27 -- बाराबंकी। गंदे पानी को साफ कर तालाबों में छोड़ने की योजना विभागीय उपेक्षा के चलते धरातल पर ध्वस्त नजर आ रही है। वाटर सिक्योरिटी प्लांट (डब्ल्यूएसपी) निर्माण में बरती गई लापरवाही से एक भी प्लांट दुरुस्त नहीं हैं। पहले फेज में बनाए गए 250 प्लांट बिना प्रयोग के ही बर्बाद हो गए। ग्राम पंचायतों में बने इन प्लांटों का हाल तो यही बयां कर रहे हैं। सूरतगंज: स्वच्छता और जल संरक्षण को लेकर सरकारी योजनाओं के दावे सूरतगंज कस्बे में ध्वस्त होते नजर आ रहे हैं। कस्बे के जगजीवनापुर तालाब पर करीब पांच लाख रुपये की लागत से बनाया गया वाटर सिक्योरिटी प्लांट दो माह के भीतर ही जर्जर हो गया। प्लांट की दीवारों में दरारें आ चुकी हैं, वहीं तालाब में गंदा पानी फिल्टर हुए बिना ही सीधे छोड़ा जा रहा है। प्लांट के निर्माण के समय नालियों के गंदे पान...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.