बाराबंकी, मार्च 19 -- रामसनेहीघाट। गायत्री शक्ति पीठ रामसनेहीघाट पर स्थापना दिवस के अवसर पर आरंभ हुए नौ कुंडीय गायत्री नवचेतना महायज्ञ के दूसरे दिन सुबह लोगों ने यज्ञ में आहुतियां देकर विश्व कल्याण की कामना की। यज्ञ का संचालन कर रहे हैं गायत्री शक्तिपीठ रामसनेहीघाट के मुख्य ट्रस्टी डॉ. शिवाकांत त्रिपाठी ने गायत्री की 24 शक्तियों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि गायत्री की दो धाराएं हैं। जिसमें एक भौतिक है, जिसके माध्यम से लोग भौतिक संसाधनों को प्राप्त करते हैं। जबकि 12 शक्तियां आध्यात्मिक हैं। जिन्हें हासिल करने वाले महात्माओं को दिव्य शक्तियां हस्तगत होती हैं। उन्होंने कहा कि गायत्री ही एकमात्र ऐसी शक्ति है, जिसका जप करने से संसार की हर दुर्लभ वस्तु प्राप्त की जा सकती है। शाम को दीप महायज्ञ में दीप प्रज्वलित कर गायत्री मंत्र के ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.