खमरिया, मार्च 15 -- खीरी जिले के नरगड़ा गांव के रहने वाले विश्वम्भर दयाल मिश्रा सोमवार को 42 वीं बार दूल्हा बने। रंगों से सराबोर बारातियों का जत्था ट्रैक्टर पर सवार दूल्हे के साथ गांव के बीच निकला। बारात में करीब-करीब पूरा गांव शामिल है। बारात दुल्हन के दरवाजे पर पहुंची। स्वागत-सत्कार के बाद बारात में शामिल लोगों के पांव पखारे गए। उधर वधु के महिलाओं ने घर में मंगलगीत गाए। द्वारपूजन के बाद विवाह की रस्में निभाई गईं। बारात और दूल्हे के साथ वे सारी रस्में निभाई हुईं। जो आमतौर पर शादियों में होती हैं। फेरे की रस्में हुईं और फिर विदाई। लेकिन हर बार की तरह इस बार दूल्हे को दुल्हन नहीं मिली। 42वीं बार विश्वम्भर की बारात बिना दुल्हन के बैरंग वापस हुई। इससे पहले 35 मर्तबा विश्वम्भर के बड़े भाई श्यामबिहारी की बारात भी बिना दुल्हन के वापस लौट चुकी है।...
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