फरीदाबाद, जून 29 -- फरीदाबाद। जिला प्रशासन फरीदाबाद द्वारा हरियाणा अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (हरेडा) के सहयोग से बायोगैस उपयोग कार्यक्रम को ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में तेजी से प्रोत्साहित करने के लिए सब्सिडी प्रदान की जा रही है। अतिरिक्त उपायुक्त सतबीर मान ने जानकारी देते हुए बताया कि बायोगैस एक स्वच्छ, प्रदूषण रहित, धुंआ रहित और किफायती ईंधन है, जो 55 से 70 प्रतिशत मीथेन गैस से भरपूर होता है। इसे गोबर गैस संयंत्र के माध्यम से पशुओं के गोबर और जैविक पदार्थों से उत्पन्न किया जाता है। उन्होंने बताया कि हरियाणा में लगभग 7.6 मिलियन पशुधन है, जिससे प्रतिदिन लगभग 3.8 मिलियन घन मीटर बायोगैस उत्पन्न करने की क्षमता है, जो लगभग 300 मेगावाट विद्युत उत्पादन में सहायक हो सकती है। इस गैस को शुद्ध कर बायो-सीएनजी के रूप में भी प्रयोग में लाया जा सकता ह...
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