पटना, अगस्त 8 -- बगैर लाइसेंस सिम बेचने के धंधे पर लगाम लगाने की दूरसंचार विभाग की कोशिशें रंग लाने लगी है। बायोमेट्रिक पंजीयन के जरिए खाका तैयार करने का काम शुरू होने के बाद राज्य में अब तक छह हजार ऐसे लोगों की पहचान की गई है, जो किसी दूरसंचार कंपनी का लाइसेंस लिए बगैर ही सिम बेच रहे थे। यह बात भी सामने आई है कि इनके द्वारा फर्जी तरीके से सैकड़ों सिम भी बेचे गए हैं। इतना ही नहीं इन सिम विक्रेताओं ने एक व्यक्ति को सौ से ज्यादा सिम तक मुहैया कराया है। बता दें कि फर्जी कॉल करने वाले साइबर ठग को पकड़ने के लिए सिम विक्रेता पर लगाम लगाने के लिए एसओपी बनाया गया है। राज्यभर के सभी सिम विक्रेता का पंजीकरण करना अनिवार्य कर दिया गया है। राज्य भर में जितनी कंपनी के सिम विक्रेता हैं, उन्हें पंजीकरण करने का निर्देश दिया गया था। पंजीकरण करने के लिए संब...
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