लखनऊ, दिसम्बर 16 -- केजीएमयू में संक्रमण के कारणों की सटीक पहचान हो सकेगी। इसके लिए माइक्रोबायोलॉजी विभाग में बायोफायर मशीन स्थापित की गई है। अत्याधुनिक मशीन से कुछ ही समय में पहचान होने से इलाज की दिशा तय करने में मदद मिलेगी। यह जानकारी केजीएमयू माइक्रोबायोलॉजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. विमला वेंकटेश ने दी। वह मंगलवार को सेल्बी हॉल में माइक्रोबायोलॉजी विभाग के 39 वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रही थी। डॉ. विमला वेंकटेश ने कहाकि करीब सवा करोड़ रुपये की लागत से बायोफायर मशीन स्थापित की गई है। उन्होंने कहा कि मरीजों को तमाम तरह के संक्रमण होते हैं। खासतौर पर आईसीयू, वेंटिलेटर के मरीज जल्दी संक्रमण की जद में आ जाते हैं। इन मरीजों को बैक्टीरिया, वायरस, फंगस या पैरासाइटिस संक्रमण हुआ है। इसका पता लगाना जरूरी होता है। साढ़े पांच लाख जांचें की...
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