सुल्तानपुर, जनवरी 4 -- बल्दीराय, संवाददाता। बल्दीराय तहसील क्षेत्र के बघौना बाजार में बाबा जलाल शाह की मजार हिंदू मुस्लिम एकता का प्रतीक मानी जाती है। आस्था है कि बाबा की मजार पर चादर व प्रसाद चढ़ाकर मजार पर माथा टेकने से मांगी हुई मुराद पूर्ण होती है। 25 दिसम्बर से शुरू हुए 15 दिवसीय मेले में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। बाबा जलाल शाह की मजार सैकड़ों वर्ष पुरानी है। बाबा जलाल शाह इस जगह पर रहकर क्षेत्र के उत्थान व लोगों की सहायता करते थे। क्षेत्रवासी अपनी समस्याओं के निदान के लिए बाबा जलाल शाह के पास जाते थे। बाबा जलाल शाह की मजार का जीर्णोद्धार ब्रिटिश जमाने में बघौना गांव निवासी डिप्टी कलेक्टर मीर अली रजा के प्रयास से किया गया था। कई दशकों से बाबा की मजार पर हर वर्ष 25 दिसंबर को 15 दिवसीय विशेष मेला लगता है। मे...