पटना, जनवरी 7 -- बाढ़ का सिर्फ नुकसान के रूप में देखना सही नहीं है, इसके सकारात्मक पहलू भी हैं। बाढ़ खेतों को उपजाऊ बनाती है, भू-जल को रिचार्ज करती है और जैव विविधता को बढ़ा देती है। किसान कई इलाकों में बाढ़ का इंतजार भी करते हैं। यह बात विकास प्रबंधन संस्थान (डीएमआई), पटना में आयोजित कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक प्रो. देबीप्रसाद मिश्रा ने कही। मौका था आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ डॉ. विवेक कुमार सिंह की पुस्तक 'कर्स ऑर बून- द पैराडॉक्स ऑफ फ्लड्स इन अ चेंजिंग क्लाइमेट' के विमोचन का। बाढ़ को नए नजरिए से समझने की जरूरत : प्रो. मिश्रा ने कहा कि यह पुस्तक बाढ़ को सिर्फ आपदा नहीं, बल्कि एक जटिल प्राकृतिक प्रक्रिया के रूप में देखती है। इसमें बताया गया है कि बाढ़ से जहां जानमाल का नुकसान होता है, वहीं यह मैदानों को पोषित करती है और प्रकृति के संतुलन...
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