प्रयागराज, सितम्बर 10 -- गंगा के कछारी इलाकों को बाढ़ से राहत मिलने की उम्मीद बढ़ रही है। गंगा-यमुना का पानी घट रहा है। पानी घटने का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा, लेकिन बाढ़ पीड़ितों को पूरी तरह राहत के लिए कुछ दिन इंतजार करना होगा। फाफामऊ में गंगा और नैनी में यमुना का जलस्तर घटने की रफ्तार औसत आधा सेमी प्रति घंटा तक सीमित है। इसी वजह से कछारी इलाकों से बाढ़ का पानी निकलने में कई दिन लग सकता है। कानपुर बैराज से लगातार साढ़े चार लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने का दबाव है। इटावा, चिल्लाघाट से आऐ पानी का भी दबाव है। छतनाग के आगे भी वाराणसी तक गंगा का प्रवाह क्षेत्र लबालब है। इसके चलते छतनाग के आगे गंगा का प्रवाह बेहद धीमा है। यहां आगरा और इटावा से यमुना में पानी आने को लेकर सिंचाई विभाग (बाढ़ प्रखंड) थोड़ा चिंतित है। छतनाग के आगे गंगा का प्...
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