फरीदाबाद, सितम्बर 5 -- फरीदाबाद, हिटी। यमुना से आई बाढ़ ने स्मार्ट सिटी स्थित दस कॉलोनियों और करीब 27 गांवों में रह रहे लोगों के रहन-सहन को काफी बदल दिया है। एक सितंबर से उनके जीवन में बस उदासी ही है। करीब 20 हजार से अधिक बाढ़ प्रभावित लोग पांच दिन से सड़क पर रात-दिन गुजार रहे हैं। उनके पास न तो सिर ढकने के लिए छत है और न ही पहनने के लिए कपड़े। खाने-पीने के लिए न तो अनाज है और न ही पैसे। ऐसे में लोग जिला प्रशासन की व्यवस्थाओं पर निर्भर हैं। हालांकि जिला प्रशासन ने उनके लिए सात जगहों पर राहत शिविर बनाए हैं और दावा है कि वहां खाने-पीने से लेकर दवाईयां तक दी जा रही है। साथ ही अब उनकी मदद को स्थानीय लोगों व समाजिक संस्था भी आगे आ रहे हैं और खाना-पानी से लेकर दवाई तक वितरित कर रहे हैं। नंबरदार कॉलोनी में नोएडा की एक निजी संस्था ने बांटे खाना य...
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