नई दिल्ली, दिसम्बर 25 -- राजस्थान की रेतीली धरा पर आस्था का एक सफर मातम में बदल गया। जिस रास्ते से रामदेवरा के दर्शन कर खुशियां घर लौटनी थीं, वहां अब सिर्फ सन्नाटा और बिखरी हुई चूड़ियां बची हैं। बाड़मेर जिले के धोरीमन्ना इलाके में गुरुवार सुबह एक बेकाबू थार ने दो महिलाओं की न केवल जान ले ली, बल्कि एक पूरे कुनबे की खुशियां उजाड़ दीं। गुजरात के बनासकांठा जिले से 50 श्रद्धालुओं का एक दल बड़े उत्साह के साथ बाबा रामदेव के दर्शन करने जैसलमेर पहुंचा था। प्रेमी बेन (55) और उनकी भाभी तारा बेन (50) भी इस दल का हिस्सा थीं। बुधवार को रामदेवरा में मत्था टेकने के बाद, उनके मन में वही शांति और सुकून था जो एक भक्त को अपने आराध्य के दर पर मिलता है। उन्हें क्या पता था कि राजस्थान की सीमा पार करने से पहले ही काल की नजर उन पर पड़ चुकी है। गुरुवार सुबह करीब 5 बजे...
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