बरेली, फरवरी 22 -- नरेली गांव के जंगल में बाघ देखने के दावे से हड़कंप मच गया। सूचना पर वन विभाग की टीम एवं शाही पुलिस गांव पहुंच गई। वन विभाग की टीम ने जांच की। जांच में टीम को बाघ के पदचिंह नहीं मिले। नरेली गांव के पूर्व प्रधान पति मेवाराम अपने खेत में सबमर्सिबल करा रहे हैं। उन्होने शुक्रवार को खेत के नजदीक बाघ देखने का दावा कर सनसनी फैला दी। सूचना पर प्रधान ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे। खेत में रेत पर किसी वन्य जीव के पदचिह्न बने मिले। प्रधान पप्पू वर्मा ने शाही पुलिस व वन विभाग की सूचना दी। ग्रामीणों में दहशत पैदा हो गई। शाही पुलिस ने मौके पर पहुंच कर छानबीन की। डिप्टी रेंजर मुकेश कुमार, फोरेस्टर छत्रपाल, फराज नदीम आदि मौके पर पहुंच गए। ग्रामीण जिस पदचिह्न को बाघ का बता रहे थे, टीम ने उसकी जांच की। मेवाराम ने टीम को बताया उन्होने 20...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.