लखनऊ, फरवरी 7 -- केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान से 10 किमी दूर बंशीगढ़ी में शुक्रवार को बाघ के ताजे पग चिह्न मिले हैं। इससे यह साफ हो गया है कि बाघ संस्थान के जंगल में ही घूम रहा है। उधर, बाघ को पकड़ने के लिए देहरादून के वाइल्ड लाइफ इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया से आई टाइगर एक्सपर्ट शिखा बिष्ट ने नया ट्रैकिंग रूट मैप तैयार किया है। अब तक पाए गए पगचिह्नों के आधार पर निगरानी नक्शा तैयार किया गया है। इसी के आधार पर कांबिंग की जाएगी। संस्थान से दस किमी दूर बंशीगढ़ी की ओर बाघ के भ्रमण की पुष्टि हुई है। बंशीगढ़ी से उसके रहमान खेड़ा जंगल लौटने के भी प्रमाण मिले हैं। बाघ के लिए नया ट्रैकिंग मैप तैयार डीएफओ डॉ. सितांशु पांडेय ने बताया कि उलरापुर में जल योजना के तहत पानी की पाइप लाइन बिछाए जाने से और रेलवे लाइन पर कर्मचारियों के काम करने से बाघ ने अपना रूट ...
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