कटिहार, सितम्बर 20 -- कटिहार, निज प्रतिनिधि। हर साल आने वाली बाढ़ की विभीषिका व सरकारी उपेक्षा से हस्तशिल्प का कारोबार कटिहार में खत्म हो गया। जिले की पहचान कभी बांस से फर्नीचर सहित अन्य सामान बनाने तथा जूट निर्मित सामग्री से भी थी। प्राणपुर प्रखंड के रोशना में मलबरी फर्म में रेशम का धागा तैयार किया जाता था। रेशम के धागे से कुछ स्थानों पर हथकरघा के माध्यम से वस्त्र भी तैयार किया जाता है। हालांकि यह कुछ सीमित घरों में ही होता था। रेशम के धागे की आपूर्ति भागलपुर तक की जाती थी। धीरे-धीरे मलबरी फर्म बंद होने की कगार पर पहुंच गया। मलबरी फर्म के जीर्णोद्धार को लेकर प्रशासनिक स्तर से कई बार कवायद शुरू की गई लेकिन प्रशासनिक पहल धरातल पर नहीं उतर पाई। बाढ़ और कटाव ने छीना बांस निर्मित हस्तशिल्प जिले के अमदाबाद प्रखंड के बाल मुकुंद टोला के अमित चौध...
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