नई दिल्ली, अक्टूबर 12 -- ज्यादा से ज्यादा एनर्जी की जरूरत और इंसानों की महत्वाकांक्षा के चलते दुनिया को प्रलय के मुंह में धकेलने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। एक हालिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दुनियाभर की 60 फीसदी नदियों को या तो डाइवर्ट कर दिया गया है या फिर बांधों में कैद कर दिया गया है। इससे प्राकृतिक बहाव प्रभावित हुआ है जो कि बड़े संकट को जन्म दे रहा है। यहां तक कि नदियों का बहाव रुकने से मछली और अन्य जलीय जीवों की प्रजातियां लुप्त हो रही हैं और आने वाले समय में बड़ी खाद्य समस्या भी पैदा हो सकती है। ग्लोबल लैंड आउटलुक की रिपोर्ट के मुताबिक इंसानों ने पृथ्वी की एक तिहाई जमीन को बदलकर रख दिया है। इससे जैव विविधता पर असर पड़ रहा है। यूनाइटेड नेशन्स कन्वेंशन टु कॉम्बैट डिजर्टिफिकेशन (UNCCD) और कंजरवेशन ऑफ माइग्रेटरी स्पीसेज ऑ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.