बांदा, फरवरी 22 -- बांदा। कार्यालय संवाददाता नरैनी तहसील क्षेत्र के खरोंच गांव से निकलकर जेई बना रामभवन कॉलेज के दिनों से ही खुराफाती था। यही कारण है कि अपने काले कारनामों से इंटरनेशनल स्तर पर पहुंच बनाने वाला रामभवन दस साल तक बच्चों का यौन शोषण करता रहा और किसी को भनक तक नहीं लगी। इंटरपोल से मिली शिकायत के बाद सीबीआई ने 31 अक्टूबर 2020 को मामला दर्ज किया तो परतें खुलने लगीं। 20 फरवरी 2026 को फांसी की सजा होने के बाद वह सलाखों के पीछे है। रामभवन ने नरैनी कस्बे के एक विद्यालय से इंटर तक की पढ़ाई की। उसके साथ पढ़ने वाले एक छात्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि रामभवन को गैजेट्स का शौक था। पढ़ाई में वह होशियार भी था। यही वजह है कि वह अवर अभियंता बन गया। मगर वह शुरुआत से ही खुराफाती किस्म का था। वह गलत संगत में जा रहा था। उसकी एक दो बार शि...
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