नई दिल्ली, मई 19 -- गृह मंत्रालय (एमएचए) ने बांग्लादेश और म्यांमार से आए उन संदिग्ध अवैध प्रवासियों की पहचान और उनके दस्तावेजों की जांच के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 30 दिन की समय सीमा दी है, जो स्वयं को भारतीय नागरिक बताते हैं। मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार, यदि 30 दिनों के भीतर उनके दस्तावेजों की पुष्टि नहीं होती, तो उन्हें देश से निर्वासित कर दिया जाएगा। इस महीने जारी किए गए निर्देशों में, गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपने वैधानिक अधिकारों का उपयोग करके अवैध प्रवासियों की पहचान, जांच और निर्वासन की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है। साथ ही, मंत्रालय ने सभी राज्यों को जिला स्तर पर पर्याप्त हिरासत केंद्र (डिटेंशन सेंटर) स्थापित करने के निर्देश दिए हैं, जहां निर्वासन की प्रक्रिया पूरी होने तक संदिग्ध प्रव...
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