बांका, जनवरी 22 -- कटोरिया (बांका), निज प्रतिनिधि। कटोरिया प्रखंड का मनियां गांव आज हस्तनिर्मित चांदी की मछली और पारंपरिक आभूषण निर्माण के लिए देश-स्तर पर अपनी अलग पहचान बना चुका है। यहां के कारीगरों की लगन और पीढ़ियों से संजोई गई कला ने इस छोटे से गांव को एक बड़े शिल्प केंद्र के रूप में स्थापित किया है। गांव का लगभग हर घर आज कुटीर उद्योग का रूप ले चुका है और मनियां से बनी चांदी की मछलियां देश के प्रमुख शहरों के साथ-साथ विदेशों तक पहुंच रही हैं। हालांकि, बीते दो वर्षों में चांदी की कीमतों में आई तेज़ उछाल ने इस पारंपरिक उद्योग के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2024 में देश में चांदी का औसत भाव लगभग 95 हजार 700 रुपये प्रति किलोग्राम था, जबकि 2026 की शुरुआत में यह आंकड़ा तीन लाख रुपये प्रति किलोग्राम के मनोवैज्ञ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.