बांका, जनवरी 9 -- बांका। गुरूवार को डीएम के निदेशानुसार महिला एवं बाल विकास निगम, जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वीमेन,बांका द्वारा 100 दिवसीय बाल विवाह , दहेज प्रथा के रोकथाम एवं निषेध हेतु सखी वार्ता कार्यक्रम का आयोजन 2 उच्च माध्यमिक विद्यालय दक्षिणी कटेली, खाबा में किया गया! कार्यक्रम में उपस्थित छात्राओं को संबोधित करते हुए जेंडर स्पेशलिस्ट महबूब आलम ने कहा कि लङकियों की शादी 18 वर्ष के बाद एवं लङकों की शादी 21 वर्ष के बाद करना चाहिए, इस निर्धारित उम्र सीमा के पूर्व शादी होने पर वह बाल विवाह माना जायेगा जो कि कानूनन जुर्म है! इसके साथ ही इसके कई दुष्परिणाम भी हैं! बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत लङके की शादी 21 वर्ष से कम उम्र तथा लङकी की शादी 18 वर्ष से कम उम्र में होने पर उसे बाल विवाह माना जाता है और इस तरह की शादी में शामिल वर-वधु प...