भागलपुर, दिसम्बर 8 -- बांका। जिले में मनरेगा कार्य और अन्य पंचायत स्तर के विकास योजनाओं की निगरानी के लिए मात्र दो तकनीकी सहायकों पर 20 पंचायतों का प्रभार दिया गया है। इतने बड़े इलाके की जिम्मेदारी एक साथ संभालने के कारण कार्यों की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीण स्तर पर योजनाओं का तकनीकी मूल्यांकन समय पर नहीं हो पा रहा है, जिससे अधूरा या कम गुणवत्ता वाला कार्य होने की शिकायतें बढ़ रही हैं। कई पंचायतों में योजनाएं शुरू होने के बाद भी तकनीकी जांच समय पर नहीं होने से काम प्रभावित हो रहा है। स्थानीय प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रखंड में तकनीकी सहायकों की संख्या बढ़ाए जाने की जरूरत है, ताकि विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन से इस दिशा में त्वरित पहल की मांग की गई है।

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