गया, फरवरी 22 -- दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के गणित विभाग द्वारा भारत-नॉर्वे सहयोग कार्यक्रम के अंतर्गत 'बहु-भौतिकी समस्याओं हेतु संख्यात्मक विधियां' विषय पर आयोजित आठ दिवसीय कार्यशाला की शुरुआत हुई। कार्यशाला का उद्देश्य ऊर्जा, विभिन्न स्केलों तथा शिक्षण, प्रशिक्षण और अनुसंधान के क्षेत्रों में नॉर्वे और भारत के बीच (इंडो-नॉर-एनर्जी) अंतर्विषयक सहयोग को प्रोत्साहित करना है। नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी, बिहार के पूर्व कुलपति प्रो. केसी सिन्हा ने फजी ऑप्टिमाइजेशन और गणितीय मॉडलिंग जैसे उदाहरणों के माध्यम से बहु-भौतिकी समस्याओं के लिए संख्यात्मक विधियों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे वैज्ञानिक चुनौतियां अधिक जटिल होती जा रही हैं, पारंपरिक विश्लेषणात्मक समाधान अपर्याप्त सिद्ध होते हैं; ऐसे में संख्यात्मक विध...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.