देहरादून, फरवरी 20 -- देहरादून की एक सिविल अदालत ने पैतृक संपत्ति के बंटवारे को लेकर चल रहे भाई-बहन के विवाद में आदेश दिया है। कोर्ट ने मामले में देरी करने और समय पर जवाब दाखिल न करने पर प्रतिवादी भाई पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही, बहन के पक्ष में जारी स्टे (यथास्थिति) के आदेश को अगली तारीख तक बरकरार रखा है। फरियाल मकानदार ने अपने भाई फिरोज अली और अन्य के खिलाफ पैतृक संपत्ति में 1/4 हिस्से के बंटवारे और स्टे के लिए वाद दायर किया है। बहन का आरोप है कि भाई फिरोज अली उसकी मां-बाप की संपत्ति पर उसके शांतिपूर्ण कब्जे में दखल दे रहे हैं। कोर्ट ने जुलाई 2025 में संपत्ति पर यथास्थिति बनाए रखने और निर्माण न करने का अंतरिम आदेश दिया था। फिरोज अली ने कोर्ट में अपनी ओर से स्टे हटाने की मांग की। उसका तर्क था कि उसकी बहन दूसरी शादी के ब...