मधुबनी, दिसम्बर 24 -- मधुबनी । झंझारपुर का तथाकथित बस स्टैंड स्थानीय प्रशासन के लिए हर वर्ष लाखों रुपए का राजस्व कमाने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है, लेकिन यात्री सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के नाम पर यह पूरी तरह से विफल है। बस ऑपरेटरों से नियमित रूप से शुल्क वसूला जाता है। जमीनी हकीकत यह है कि इस राजस्व का एक भी पैसा यात्रियों की सुविधा या स्टैंड के रखरखाव पर खर्च नहीं हो रहा है। नतीजतन, न तो बसें इस स्टैंड का उपयोग कर पाती हैं और न ही यात्री। झंझारपुर बस स्टैंड से होने वाली वार्षिक आय काफी मोटी है, पर यह आय स्टैंड की सूरत बदलने में बिल्कुल भी मददगार साबित नहीं हुई है। यात्रियों के लिए जो प्रतीक्षालय निर्मित किया गया था, वह आज पूरी तरह से जर्जर और खंडहर बन चुका है। स्थानीय लोगों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा, "प्रशासन हर साल हमें सिर्फ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.