जहानाबाद, जनवरी 23 -- मखदुमपुर, निज संवाददाता। बसंत पंचमी या सरस्वती पूजा का भारतीय संस्कृति में महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार आज के दिन ही मां सरस्वती का अवतरण ब्रह्मा जी के श्री मुख से हुआ था। जिन्हें विदया, संगीत और साहित्य की अधिष्ठात्री देवी माना गया। इसलिए आज के दिन सरस्वती पूजा का आयोजन किया जाता है। वैदिक मान्यता के अनुसार आज के दिन ही कामदेव का जन्म हुआ था। आज से बसंत का शुरुआत माना जाता है। तीसरी मानता है कि बसंत पंचमी के दिन ही भगवान शिव का तिलकोत्सव समारोह हुआ था। माता पार्वती से विवाह के लिए आज के दिन ही तिलक लगाया गया था। इसलिए आज का दिन काफी सूभ माना जाता है। बसंत पंचमी से ही होली की शुरुआत हो जाती है। इस दिन होलिका दहन स्थल पर होलिका के प्रतीक के रूप में रेड के पौधे लगा दिए जाते हैं। आज के दिन ...