गाजीपुर, फरवरी 19 -- गाजीपुर, संवाददाता। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बुधवार को सांस्कृतिक महोत्सव श्रृंखला में 'वसंतोत्सव' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्राचार्य अनिता कुमारी ने बताया कि जब शक्ति का विस्तार होता है तो ज्ञान की आवश्यकता और अधिक बढ़ जाती है। बसंत के उल्लास में चेतना का होना आवश्यक है। यही कारण है कि एक तरफ, यह महीना कामदेव का माना जाता है तो दूसरी तरफ हम सरस्वती की पूजा करते है। सरस्वती अर्थात ज्ञान। यह पर्व ज्ञान के सम्मान और आदर का पर्व है। कार्यक्रम स्थल को सृष्टि, अन्नू और ने बहुत श्रम के साथ सजाया। अनामिका ने वर दे वीणावादिनि और 'रामचरितमानस' का पाठ किया। वहीं मंतशा परवीन, लक्ष्मी राय एवं बुशरा अली के समूह ने कबीर भजन 'जरा धीरे गाड़ी हाकों मेरे राम गाडीवाले' की प्रस्तुति देकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। वंशिका...
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