झांसी, जनवरी 23 -- ..बजती शहनाईयां, ..ढोल-नगाड़े, ..थिरकता माहौल, ..घोड़ी चढ़ते दूल्हे, रात उठती बारातें और पीछे लगी वाहनों की कतारें। शुक्रवार को बसंत पंचमी के अबूझ मुहूर्त पर रानी का शहर झांसी शादी जोन की केटेगिरी में रहा। गांवों से शहर तक दिन में कुछ स्थानों पर विवाह सम्मेलन हुए तो शाम को भी खूब शहनाई बजीं। दूल्हे घोड़ी चढ़े तो बैंडबाजों पर बारातियों ने भी जमकर ठुमके लगाए। विवाह सम्मेलन में वर-वूध परिणय सूत्र में बंधे। उन्होंने एक-साथ जीने मरने की कसमें खाईं। जिला धर्माचार्य महंत विष्णु दत्त स्वामी के अनुसार बसंत पंचमी शादी-विवाह के लिए अबूझ लग्न मुहूर्त है। इस दिन की गई शादियों पर मां सरस्वती की विशेष कृपा रहती है। वैवाहिक लग्न के लिए यह काफी लाभकारी है। ज्योतिषाचार्यों की मानें तो वसंत पंचमी सभी के लिए लाभकारी है। वहीं दूसरी तरफ बुधवार रा...
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