सुल्तानपुर, फरवरी 20 -- बल्दीराय, संवाददाता। ग्राम पंचायतों में हैंडपम्प को ठीक कराने में खेल हो रहा है। रीबोर के नाम पर पैसा तो निकल रहा है, लेकिन सूखे हैंडपम्पों से पानी नहीं निकल रहा है। गर्मी ने भी दस्तक दे दी है, लेकिन अभी तक इसको लेकर कोई तैयारी पंचायतों ने नहीं की है। सबसे खास बात कि इस पर खर्च होने वाले पैसों का कोई हिसाब भी मुख्यालय पर नहीं मिलता है। जबकि ब्लाक में हजारों हैंडपम्प लगे हुए है। इनमें से काफी संख्या में हैंडपम्प खराब हैं। जिनकी मरम्मत कराने के लिए ग्राम पंचायतें कागजों पर तो जमकर खर्च करती है लेकिन धरातल पर तो यही है कि कई हैंडपम्प नेस्तनाबूत हो गए है। गांवों में कई हैंडपम्पों की मशीन तक गायब हो गयी है, लेकिन कागजों पर उनका संचालन हो रहा है। यह हाल किसी एक ग्राम पंचायत का नहीं बल्कि सभी विकास खंडों की ग्राम पंचायतों...