गुमला, जुलाई 18 -- डुमरी, प्रतिनिधि। आजादी के 77 साल बाद भी डुमरी प्रखंड के पहाड़ सुआली गांव तक पहुंचने का कोई सुरक्षित मार्ग नहीं है। गांव को जोड़ने वाली लफरी नदी पर आज भी पुल का निर्माण नहीं हुआ है। नदी पर केवल एक छलटा पुल बना हुआ है, जिससे रोजाना सैकड़ों ग्रामीण प्रखंड मुख्यालय और बाजार तक आते-जाते हैं। बरसात में स्थिति और भी भयावह हो जाती है,जब नदी में जलस्तर बढ़ने पर जान जोखिम में डालकर पार करना पड़ता है। सुआली गांव में लगभग 15 से 20घर हैं। जहां मुंडा,लोहरा,महली,सवसार आदि समुदायों के लोग निवास करते हैं। ग्रामीण जगराम मुंडा,भीकाराम उरांव, पार्वती देवी, प्रदीप मुंडा, रमेश महली आदि ने बताया कि बरसात में स्कूली बच्चों को स्कूल पहुंचाना बेहद कठिन हो जाता है। बच्चों को नदी पार कर सुवाली स्कूल जाना पड़ता है, जो खतरे से खाली नहीं है।गांव में...
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