भभुआ, जुलाई 16 -- दक्षिण क्षेत्र में चांद चौक से कोनहरा गांव सटे नहर तक और पाढ़ी गांव के पूर्वी सिवाना तक के रोपे गए धान के खेत हो जाएंगे जलमग्न इलाके के करीब 200 हेक्टेयर भूमि में किसान करते हैं धान की खेती सिरहिरा सिवाना से निकला रजवाहा पौरा के पास नाला में मिलता है (पेज चार की बॉटम खबर) चांद, एक संवाददाता। आखिरकार बरसात भी आ गई और चांद अस्पताल के पूरब तरफ स्थित रजवाहा की उड़ाही नहीं कराई जा सकी। अब किसानों को अपनी फसल डूबने का डर सताने लगा है। चांद के दक्षिणी इलाके किसान पूछ रहे हैं कि आखिर यहां का प्रशासन और जनप्रतिनिधि हम किसानों की समस्या का समाधान कराने के प्रति फिक्रमंद क्यों नहीं बन रहे। जबकि सरकार कह रही है कि आय दोगुना करेंगे। ऐसे में आय दोगुना होने की बात तो दूर फसल को बचाना मुश्किल हो जाएगा। अगर वर्षा के पानी से फसल लगे खेत डूब...
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