बागपत, मार्च 4 -- बरनावा की तपो भूमि श्री चंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर में सोमवार को आर्यिका सुज्ञानमती माता, दयामती माता,अक्षतमति माताजी के पावन सानिध्य में शांति नाथ विधान हुआ। विधान में जयपुर विराटनगर से आये श्रद्धालुओं ने पंडित प्रदीप पीयूष शास्त्री के निर्देशन में 120 महा विश्व शांति आवृत्तिया भगवान चंद्र प्रभु भगवान के चरणों में समर्पित की। दिनेश कुमार जैन मेरठ परिवार द्वारा शांति धारा की गयी। सोधर्म इंद्र बने धर्मेश जैन, संतोष जैन ने वेदी पर श्री जी को विराजमान कर प्रथम अभिषेक पापों प्रक्षालन हेतु समर्पित किया गया। इस अवसर पंडित ने कहा शांतिनाथ विधान हमें आराधना व आत्मिक गुणों का दर्शन कराता हैं। इस विधान में बैठकर सच्चे मन से आराधना करने से मनुष्य के अंदर सुंदर विचार उत्पन्न होते हैं और आत्मिक सुख शांति मिलती हैं। विधान में अशोक ज...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.