नवादा, फरवरी 22 -- वारिसलीगंज, निज संवाददाता नवादा जिले एक मात्र वारिसलीगंज बाजार स्थित श्री गौशाला सरकारी उपेक्षा का शिकार है। लगभग डेढ़ दशक से अधिक समय से बदहाल गौशाला के पास खुद की करोड़ों की अचल संपति है। बावजूद बाजार में पशुधन भोजन की तलाश में छुट्टा घुमते नज़र आते हैं। कभी कभी घुमंतू सांढ़ बाजार की आबादी के बीच आपस मे झगड़ने लगते हैं तब अफरा तफरी का माहौल बन जाता है। बता दें की डेढ़ दशक पहले तक गौशाला संचालन के लिए गठित कार्यकारिणी सक्रिय थी। तब गौशाला में एक सौ से अधिक पशुधन विचरण करते थे। गौशाला में तीन दर्जन से अधिक दुधारू पशु हुआ करते थे। जिसकी दूध की बिक्री से पशुओं के चारे खल्ली की व्यवस्था होती थी। जबकि पावर हाउस के पास की डेढ़ एकड़ कीमती भूमि पर हरा चारा उगाया जाता था, जिसे गौशाला के पशुओं को पौष्टिक आहार की कमी नहीं होती थी। लेकिन ...