भभुआ, मई 5 -- जंगल में बसे तूरीदाग के किसी व्यक्ति के बीमार होने पर होती है परेशानी जब बारिश होती है तब पहाड़ व नाले के पानी से घिर जाता है इलाका (बोले भभुआ) अधौरा, एक संवाददाता। प्रखंड का तूरीदाग गांव जंगल में बसा है। इस गांव से प्रखंड मुख्यालय अधौरा जाने के लिए गड्ढों में तब्दील रास्ता व घाटी चढ़ना पड़ता है। अधौरा जाने के लिए दूसरा पथ चैनपुरा से है। यहां लोगों को किसी वाहन के आने का इंतजार करना पड़ता है। घंटों बैठने के बाद जब कोई गाड़ी आती है, तब ग्रामीण अधौरा की सैर करते हैं। इससे बेहतर घाटी चढ़कर पैदल अधौरा जाना समझते हैं। गांव में जाने के लिए वन या किसी अन्य विभाग ने पथ नहीं बनाया है। ग्रामीण खुद श्रमदान से आने-जाने लायक रास्ता बनाए हैं। गांव के लालमोहर खरवार ने बताया कि जब बरसात में गांव के किसी व्यक्ति की तबीयत खराब हो जाती है, तब उसे अस...
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