बेगुसराय, दिसम्बर 14 -- खोदावंदपुर/छौड़ाही, निज प्रतिनिधि। किसी भी समाज को बदहाली से बचाने के लिए उसे अपनी संस्कृति की रक्षा के साथ-साथ शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए। शिक्षा के बिना समाज का विकास संभव नहीं है। इस सोच को आगे बढ़ाने के लिए समाज का शिक्षित वर्ग आगे आए। यह बात मदरसा तालीमुल इस्लाम बखड्डा के प्रांगण में रविवार को तहफ्फुज खत्म-ए-नबव्वत व इसलाह-ए-मुआशरा विषयक आयोजित कांफ्रेंस के दौरान मौलाना अमानुल्लाह नस्तवी साहब ने अपनी नूरानी तकरीर में कही। उन्होंने कहा कि इस्लाम ने लोगों को बेहतरी के साथ जीवन जीने का सलीका सिखाया। इस्लामी कानून के दायरे में रहकर हमें अपना मुहासबा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम नई टेक्नॉलजी का इस्तेमाल करें लेकिन उसकी बुराईयों से बचें। इस अवसर पर मुफ्ती ऐनुल हक कासमी ने मुस्लिम समाज में शिक्षा के प्रति उदासीनता तथा...
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