बागपत, अप्रैल 14 -- बड़ौत। खान-पान और लाइफ स्टाईल में बदलाव के कारण सामान्य प्रसव की संख्या घटती जा रही है। साल दर साल सामान्य प्रसव में आ रही गिरावट और सिजेरियन में बढ़ोत्तरी से महिलाओं की सेहत पर भी फर्क पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले तीन सालों में करीब 35 फीसदी नार्मल डिलवेरी घट गई है। कोरोनाकाल 2020 में सबसे ज्यादा जिले में नार्मल डिलवरी हुई थी। कोरोनाकाल में भगवान के हाथों ने सबसे ज्यादा नार्मल डिलवरी कराई। उसके बाद से साल दर साल यह समान्य प्रसव कम होता चला गया। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट पर नजर डाले तो 2015-16 में ओवरऑल 9.8 फीसदी महिलाओं ने जिले में सी सेक्शन डिलवरी कराई जबकि 2019-21 की रिपोर्ट में यह आंकड़ा बढ़कर 12.6 फीसदी हो गया। यदि सरकारी अस्पतालों की बात करें तो 2015-16 की रिपोर्ट में यह आंकड़ा क...
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