हजारीबाग, फरवरी 7 -- हजारीबाग, जिला प्रतिनिधि। देश-विदेश के प्रखर विद्वतजनों के चिंतन और मंथन के बाद एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम (आईटीईपी) के तहत शिक्षक शिक्षा का भविष्य विषय पर यह विचार उभर कर सामने आया कि बेहतर शिक्षक बनने और बनाने के लिए हमें समर्पित भाव से प्रण लेना होगा। तभी टीचर एजुकेशन का भविष्य सही दिशा में जाएगा। गौतम बुद्ध शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय मुकुंदगंज, हजारीबाग में विद्वतजनों के व्याख्यान से यह निष्कर्ष छनकर सामने आया। सेमिनार के दूसरे दिन समापन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि आईसेक्ट विश्वविद्यालय हजारीबाग के कुलपति डॉ पीके नायक ने कहा कि आगे आईटीईपी का जमाना है। उन्होंने शैक्षणिक बदलाव के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि हमें अपनी मानसिकता बदलनी होगी। हमें परफेक्ट और स्किल्ड टीचर की जरूरत है। बतौर विशिष्ट अति...
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