इटावा औरैया, नवम्बर 11 -- इटावा, संवाददाता। ग्राम पंचायत जैनपुर नागर में बना अंबेडकर पार्क, कभी सामाजिक सम्मान, जागरूकता और सामुदायिक एकता का प्रतीक माना जाता था, इन दिनों बदहाली की मिसाल बन चुका है। इस पार्क की उपेक्षा का आलम यह है कि चारों ओर दो दो फीट ऊँची जंगली घास फैली हुई है, जर्जर दीवारें रखरखाव की पोल खोल रही हैं। पार्क में न तो नियमित सफाई होती है, न ही मरम्मत। ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थिति प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की लापरवाही का नतीजा है। ग्रामीण हुकुम सिंह, राहुल कुमार, रंजीत सिंह, विकास कुमार, रमेश चंद्र, अखिलेश, राजेश कुमार, अजयकांत, विमल कांत और सुशील कांत ने बताया कि पार्क की स्थापना वर्ष 1994 में ग्रामवासियों के सहयोग से की गई थी। डॉ. अंबेडकर की मूर्ति और पार्क भवन पर करीब 1.5 लाख की लागत आई थी। कई प्रधान आए जिन्होंने...
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