मुरादाबाद, जनवरी 27 -- मेटल के उत्पादों पर नायाब नक्काशी का हुनर गढ़ने वाले दस्तकार चिरंजी लाल और खेती में नए प्रयोग करने वाले किसान रघुपत सिंह को पद्मश्री पुरस्कार के लिए चुनने से मुरादाबाद का मान बढ़ा है। सबसे पहला पद्मश्री मुरादाबाद जिले में दस्तकारी में शिल्प गुरु दिलशाद हुसैन को मिला। इसके अगले ही साल बाबूराम ने भी दस्तकारी में पद्मश्री पुरस्कार पाया। मुरादाबाद में अब चार पद्मश्री हो गए। यह लगातार तीसरा साल है जब मुरादाबाद के शिल्पकार चिरंजीलाल को पद्मश्री अवार्ड देने के लिए चुना गया है। इससे पूर्व शिल्पगुरु के खिताब से अलंकृत मुरादाबाद के शिल्पकार दिलशाद हुसैन को वर्ष 2024 में, यहां के शिल्पकार बाबूराम यादव को 2025 में पद्मश्री पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया था। चिरंजीलाल यादव 56 साल से मेटल के उत्पादों पर नायाब नक्काशी का हुनर गढ़...