रुडकी, मार्च 6 -- अल्लाह की इबादत करने में बड़ों के साथ अब बच्चे भी पीछे नहीं है। धूप की तपिश के बावजूद मासूम बच्चे भी रोजा रखकर अल्लाह की इबादत में मशगुल हैं। मेहवड़ कलां गांव निवासी 6 वर्षीय अरहम पुत्र शहजाद अहमद ने गुरुवार को पवित्र माह रमजान-उल-मुबारक का अपना पहला रोजा रखा और अल्लाह को याद किया। इस पवित्र माह में रोजा रखने से इसका कई गुणा सवाब मिलता है। अरहम के रोजा रखने से मासूम बच्चे के परिवार वालों ने रोजेदार बच्चे की हौसला अफजाई की हैं। शाम को इफ्तार के वक्त परिवार सहित अरहम ने रोजा खोलते वक्त अल्लाह का शुक्रिया अदा किया। देश में अमन चैन की दुआ मांगी है। अरहम ने बताया कि रोजा रखने से उसे काफी सुकून मिला। वो अल्लाह पाक से दुआ मांगते है कि सभी को रोजा और नमाज पढ़ने की तौफीक दें। इस दौरान आसपास के लोगों ने अरहम के रोजा रखने पर उसकी हौस...
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